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इस पुस्तक में हिन्दी के सिद्धहस्त लेखक पं० गोकुलचंद्र शर .... Read More
इस पुस्तक में हिन्दी के सिद्धहस्त लेखक पं० गोकुलचंद्र शर्मा ने अत्यन्त भावपूर्ण ढंग से जगज्जननी सीता-माता के अशोकवन में वंदी- जीवन का चित्र उपस्थित किया है। इस विषय पर हिन्दी में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है; लेकिन यह पुस्तक अपने ढंग की एक ही है। बहुत ही प्रवाहपूर्ण और प्रांजल भाषा एवं शैली में विद्वान् लेखक ने विषय का प्रतिपादन किया है। ऐसा सजीव और भावना-मय चित्रण अन्यत्र कम ही देखने में श्राता है।
| Sr | Chapter Name | No Of Page |
|---|---|---|
| 1 | आत्म-निवेदन | 4 |
| 2 | अशोकवन | 4 |