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गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास मान .... Read More
गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है। कुछ लोग इसे उनकी सर्वोत्तम कृति भी मानते हैं।
| Sr | Chapter Name | No Of Page |
|---|---|---|
| 1 | भाग-1 | 11 |
| 2 | भाग-2 | 5 |
| 3 | भाग-3 | 19 |
| 4 | भाग-4 | 34 |
| 5 | भाग-5 | 10 |
| 6 | भाग-6 | 38 |
| 7 | भाग-7 | 54 |
| 8 | भाग-8 | 6 |
| 9 | भाग-9 | 15 |
| 10 | भाग-10 | 13 |
| 11 | भाग-11 | 11 |
| 12 | भाग-12 | 13 |
| 13 | भाग-13 | 19 |
| 14 | भाग-14 | 14 |
| 15 | भाग-15 | 23 |
| 16 | भाग-16 | 12 |
| 17 | भाग-17 | 22 |
| 18 | भाग-18 | 18 |
| 19 | भाग-19 | 6 |
| 20 | भाग-20 | 23 |
| 21 | भाग-21 | 23 |
| 22 | भाग-22 | 25 |
| 23 | भाग-23 | 20 |
| 24 | भाग-24 | 17 |
| 25 | भाग-25 | 9 |
| 26 | भाग-26 | 11 |
| 27 | भाग-27 | 18 |
| 28 | भाग-28 | 12 |
| 29 | भाग-29 | 15 |
| 30 | भाग-30 | 71 |
| 31 | भाग-31 | -37 |
| 32 | भाग-32 | 5 |
| 33 | भाग-33 | 22 |
| 34 | भाग-34 | 12 |
| 35 | भाग-35 | 14 |
| 36 | भाग-36 | 14 |